कर्ज़ पर कंपनियों की निर्भरता कम करने के लिए हाल में चीन की सरकार ने एक नया क़नून लागू किया है. इसका असर ये हुआ है कि देश की दूसरी सबसे बड़ी रियल एस्टेट डेवेलपमेन्ट कंपनी एवरग्रैंड दिवालिया होने की कग़ार पर पहुंच गई. मौजूदा वक्त में सरकार के लिए ये बेहद ज़रूरी है कि वो अर्थव्यवस्था पर इसका असर न पड़ने दे. लेकिन उसके सामने एवरग्रैंड से भी बड़ी एक और चुनौती खड़ी है. बिजली संकट के कारण देश के कई इलाक़ों में फैक्ट्रियों को काम रोकना पड़ रहा है. चीन वैश्विक सप्लाई चेन का अहम हिस्सा है और बिजली संकट का हल जल्द न खोजा गया तो अर्थव्यवस्था के लिए हालात और बुरे हो सकते हैं. इस सप्ताह दुनिया जहान में हमारा सवाल है कि क्या चीनी अर्थव्यवस्था मुश्किलों में घिर गई है? हम ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि चीनी अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद समस्या क्यों और कैसे पैदा हुई और इसका असर कितना गंभीर हो सकता है.