यह कविता सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' जी द्वारा लिखी गई हैl और इस कविता के माध्यम से हमें अपने जीवन की वसंत, खुशी और उमंग को कभी खत्म ना होने की प्रेरणा देते हैंl
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