एपीजे अब्दुल कलाम धार्मिक शख़्स थे और रोज सुबह की नमाज़ पढ़ा करते थे. उनके पास तीन भाषाओं में कुरान होती थी-तमिल,अंग्रेज़ी और अरबी. इनके अलावा वो रोज़ कम से कम पंद्रह मिनट भगवत गीता पढ़ने में भी बिताते थे. वो पूरी तरह से शाकाहारी थे और रोज़ 18 घंटे काम किया करते थे. सुनिए रेहान फ़ज़ल की विवेचना