उमराव जान, इजाज़त, घर और कलयुग जैसी फ़िल्मों की हीरोइन रेखा को भारत की ग्रेटा गार्बो कहा जाता है. उनका सार्वजनिक और निजी जीवन जितना उथलपुथल भरा रहा है, उतना शायद किसी का रहा हो. हाल ही में यासेर उस्मान की किताब प्रकाशित हुई है- रेखा- द अनटोल्ड स्टोरी जिसमें उन्होंने एक गोलमटोल, सांवली और हिंदी न जानने वाली भानुरेखा गणेशन की हिंदी फ़िल्मों की सबसे ग्लैमरस स्टार और स्टाइल डीवा बनने की कहानी को दिलचस्प अंदाज़ में बयान किया है. रेखा के जीवन से जुड़े कुछ रोचक पहलुओं पर नज़र डाल रहे हैं रेहान फ़ज़ल आज की विवेचना में