पिछले एक साल में दुनिया भर में कच्चे तेल की क़ीमतें बेतहाशा लुढ़क रही हैं. अभी पिछले हफ़्ते कच्चे तेल के एक बैरल की क़ीमत 40 डॉलर से भी कम हो गई. इससे कम दाम ग्यारह साल के पहले थे. पर आपको इससे क्या मिला? क्या महंगाई कम हुई? क्या आपको कोई राहत मिली? अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से भारत जिस दाम पर तेल ख़रीदता है, आप उसे दोगुने से ज़्यादा पैसे ख़र्च करते हैं. क्या है इसकी वजह?