बिना अनुभव का ज्ञान खोखला ज्ञान है | धरती पे ७०० करोड़ मानव कौन सी एक समझ से जुड़ सकते हैं ? वो बात क्या है ? वो बात ये है की सब कुछ एक है | सब कुछ एक ही है | वो अद्वैत है | इस बात पर हर मानव जुड़ जाएगा | प्रेम किसी से एक सा महसूस करना ही है |
अपने को जान लेने का मतलब ये भी जान लेना की मै क्या नहीं हूँ | अपने स्वत्व को ही अहंकार बोलै गया | अहम् से ही अहंकार है | अहम् का मतलब मै हूँ | मै शून्य के क्षेत्र में शेष जड़ और चैतन्य प्रकृति के साथ समाया हुआ हूँ | इस शून्य की अनंत चदरिया में होने वाली एक तरंग हूँ मै |