नागरिकता क़ानून में संशोधन के बाद उत्तर-पूर्वी राज्यों में भीषण असंतोष और हिंसा. क्या धर्म के आधार पर नागरिकता तय करना धर्मनिरपेक्ष संविधान की भावना के अनुरूप है? ऐसा क़ानून पास करके मोदी सरकार क्या हासिल करना चाहती है? बीबीसी इंडिया बोल में वरिष्ठ पत्रकार शेखर अय्यर और श्रोताओं के साथ चर्चा हुई इसी विषय पर.