जब सत्ता के जुल्मों के सामने इंसानियत कमजोर पड़ जाती है तब इंसानियत को बचाने के लिए इंसानियत छोड़नी भी पड़ती है याद है आपको फूलन देवी की जिंदगी का वह हिस्सा जब उसने हर वह बलात्कारी कार्य के साथ क्या किया था यह वक्त है अब हमें कई फूलन देवी की जरूरत है

हाथरस की incident के बाद देश में जो बेचैनी का माहौल हो गया है हर वर्ग के साथ फिर चाहे वह मजदूर हो

किसान हो

या फिर सुरक्षा की आश लगाती महिलाएं

जो शारीरिक और मानसिक रूप से थक चुकी हैं

हार चुकी है

कमजोर हो चुकी हैं

गरीबों को और गरीब बनाए रखना

कमज़ोरों को और कमजोर बनाए रखना

पीड़ितों को और पीड़ा देना

आज का सच यही है

पर याद रहे हम इस झूठे सच को जड़ से उखाड़ फेकेंगे और हम मिलकर एक ऐसे देश का निर्माण करेंगे जो सच्चाई और इंसानियत का रूपक होगा

जय हिंद

जय भारत