हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और सही मायने में लोकतंत्र की शुरुआत कहीं से हुई है तो वो lutyens की दिल्ली से हुई है लोकतंत्र खत्म होने की शुरुआत भी कहीं से होगी तो वह दिल्ली से ही होगी!

जिस का सबसे अच्छा उदाहरण हमने bill पास होने के दौरान Rajyasabha में देखा.

चिंता का विषय यह है कि संसद सड़कों के आंदोलनों से दूर है हमें मिलकर संसद और सड़क को जोड़ना होगा किस प्रकार संसद गरीबों और किसानों के मुद्दों को लेकर असंवेदनशील बनती जा रही है हमें खुद उसकी संवेदना को जगाना होगा

हमें संसद को लोकतांत्रिक करना होगा

हमें संसद को व्यवस्थित करना होगा

और हमें संसद को देश की आवाज बनानी होगी