स्वस्थ्य दिनचर्या के अंतर्गत सुबह उठकर धरती माता से क्षमा याचना के बाद विधिपूर्वक शांत चित्त उकडू या कागासन में बैठ चूस-चूसकर मुख से जलपान करना चाहिए।