स्व. श्री सचिनदेव बर्मन दा के रचे सुन्दर फिल्म गीत ” हम हैं राही प्यार के” की तर्ज़ पर उभरा हुआ यह मेरा इक पुराना भक्तिगीत इसके नए audio सहित सादर करने में बहुत खुशी महसूस कर रहा हूँ ….
http://p4poetry.com/wp-content/uploads/2013/09/Ham-to-mast-ho-liye-150913.mp3 .
हम तो मस्त हो लिए……! (भक्तिगीत)
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हम है राही प्यार के, हम तो मस्त हो लिए,
“नाम” में प्रभु के हम, विश्वमन में हो लिए,
“नाम” में प्रभु के हम, मस्त हो के जी रहे……!
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चिंता कुछ हमें नहीं, ना हैं हम अस्वस्थ भी,
प्रभु के भेजे काज हैं, और है पास वक्त भी,
प्रेमद्रष्टि से ये सब जग निहारते चले,
“नाम” में प्रभु के हम, विश्वमन में हो लिए,
“नाम” में प्रभु के हम, मस्त हो के जी रहे……!
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भक्ति में ये शान्ति और मन में है आनंद सा,
प्रभु के “नाम” का नशा, जग लगे है स्वर्ग सा,
देहबुद्धि के परे, आत्मबुद्धि से जुटे,
आत्मज्ञान में रमे,
“नाम” में प्रभु के हम, विश्वमन में हो लिए,
“नाम” में प्रभु के हम, मस्त हो के जी रहे……!
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विश्वमन ही शक्ति है, विश्वमन ही ज्ञान है,
सूक्ष्म से अनंत तक विश्वमन ही व्याप्त है,
सत्य शिवम् सुन्दरम, विश्वमन ही तो है,
विश्वमन का स्पर्श हम, भक्ति में ये पा रहे,
“नाम” में प्रभु के हम, विश्वमन में हो लिए,
“नाम” में प्रभु के हम, मस्त हो के जी रहे……!
“नाम” में प्रभु के यूं, मस्त हो के गा रहे…..!
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” विश्व नन्द “