http://p4poetry.com/wp-content/uploads/2013/08/Mera-Man-Chanchal-Hai-260813.mp3 मेरा मन चंचल है ……! (गीत) .
मेरा मन चंचल है, मेरे पास न आना,
तेरा हुस्न ही ऐसा रसीला, हुआ दिल ये दीवाना,
मेरे पास न आना …..!
तू है बाला भोलीभाली, बड़ी बड़ी सी अँखियोंवाली
तेरी चाल भी है मतवाली, मेरे पास न आना ……!
हुआ दिल ये दीवाना, मेरे पास न आना ……!
तू है नाजुक एक कली सी, मुसकाती फूलों जैसी,
मेरा मन मतवाला भंवरा, मेरे पास न आना ……!
हुआ दिल ये दीवाना, मेरे पास न आना ……!
चंदन का बदन ये तेरा, नटखट सा गहुवे रंग का,
मुझे देख न यूं शरमाना, मेरे पास न आना ……!
हुआ दिल ये दीवाना, मेरे पास न आना ……!
तुझे देख के मेरा मुझपर, विश्वास ही खो सा गया है,
मुझ पर यूं न बिजली गिराना, मेरे पास न आना ……!
हुआ दिल ये दीवाना, मेरे पास न आना ……!
कहता हूँ बड़ी मुश्किल से, मिन्नत करता हूँ तुझसे,
मुझे पागल यूं न बनाना, मेरे पास न आना ……!
हुआ दिल ये दीवाना, मेरे पास न आना ……!
मेरा मन चंचल है, मेरे पास न आना,
तेरा हुस्न ही ऐसा रसीला, हुआ दिल ये दीवाना,
मेरे पास न आना …..!
” विश्व नन्द “