गिफ़्ट हैंपर सी ज़िन्दगी ठहरी रंगारंग वर्क़ में धरी ठहरी जान के चाँद था लिया जिसको सिर्फ चमकीली तश्तरी ठहरी जिसकी हसरत ने बेक़रार रखा ख़्वाब ही वो हसीं परी ठहरी बैठ उड़ना था जिसपे वो कालीन एक मामूली सी दरी ठहरी चख के जिसको कि जी हुआ खट्टा ऐसी रंगीन रसभरी ठहरी जिनकी ज़िंदादिली […]