कविश्री पं. मक्खनलाल Kaviśrī Paṁ. Makkhanalāla श्री सिद्धचक्र का पाठ करो, दिन आठ, ठाठ से प्रानी, फल पायो मैना रानी || मैना सुन्दरि इक नारी थी, कोढ़ी पति लख दु:खियारी थी, नहिं पड़े चैन दिन रैन व्यथित अकुलानी | फल पायो मैना रानी ||१|| Srī sid’dhacakra kā pāṭha karō, dina āṭha, Thāṭha sē prānī, … Continue reading श्री सिद्धचक्र की स्तुतिŚrī Sid'dhacakra Kī Stuti →

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