1914 ई० में मांडले जेल से रिहा होने के पश्चात बाल गंगाधर तिलक कांग्रेस के दोनों गुटों तथा कांग्रेस-मुस्लिम लीग समझौता कराने के प्रयास में जुट गये। कांग्रेस के दोनों ... आगे पढ़ें ..