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भ्रष्टाचार के विरूद्ध मुहिम के तहत हाल ही में दूरसंचार विभाग के 10 वरिष्ठ अधिकारियों को जबरन सेवा निवृत्ति दी गई है। इनमें से कुछ की सत्यनिष्ठा संदेहास्पद थी। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के प्रति असहिष्णुता का सही संदेश देती है। 2014 से केंद्र में आई भाजपा सरकार ने अब तक लगभग 400 प्रशासनिक अधिकारियों को सत्यनिष्ठा और प्रदर्शन में कमी के लिए इस प्रकार का दंड दिया है। लेकिन क्या भ्रष्टाचार की समस्या के लिए यह उचित समाधान हो सकता है? कुछ बिंदुओं में चर्चा-
भारत के कार्यबल में केवल 4% लोकसेवक हैं, जबकि यू.के. में 22.5%, अमेरिका में 13.5% और चीन में 28% हैं। राज्य सरकारों को भी अपनी रोजगार की नीतियों में सुधार करके इनके प्रतिशत को बढ़ाना चाहिए। केंद्र सरकार को अपने 444 और राज्य सरकारों को अपने 1,136 सार्वजनिक उपक्रमों के तेजी से विनिवेश पर काम करना चाहिए। इससे होने वाली आय के हिस्से को प्रशासनिक सुधार के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। देश के विकास के लिए एक सक्षम नौकरशाही का होना बहुत महत्वपूर्ण है।
‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित संपादकीय पर आधारित। 26 दिसम्बर, 2022
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