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शहरी विकास मंत्रालय के अधीन नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड ने हाल ही में क्षेत्रीय योजना 2041 बनाई है। इस मसौदे में अरावली क्षेत्र को सुरक्षा न दिया जाना चिंताजनक लगता है। मसौदे में अरावली क्षेत्र के प्राकृतिक क्षेत्रों में चिन्हित नहीं किया गया है। इसके चलते यहाँ खनन व अन्य निर्माण गतिविधियों को खुली छूट मिल जाएगी। जबकि एनसीआर के पर्यावरण में अरावली पर्वत श्रेणियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कुछ बिंदु –
नीति निर्माताओं को समझना चाहिए कि पर्यावरण संरक्षण आर्थिक वृद्धि और विकास के लिए कितना जरूरी है। अतः योजना को पारिस्थितिकीय अनुकूल बनाने के लिए विशेषज्ञों और सभी हितधारकों के साथ जुड़ना चाहिए। प्रकृति आर्थिक मूल्य वाली एक संपत्ति है। इसका संरक्षण किया जाना नितांत आवश्यक है।
‘द इकॉनॉमिक टाइम्स’ में प्रकाशित संपादकीय पर आधारित। 5 जनवरी, 2023
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