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इजराइल-हमास युद्ध में ईरान के शामिल होने से भारत की स्थिति थोड़ी दुविधापूर्ण हो गई है, क्योंकि ईरान और इज़रायल दोनों से भारत के संबंध अच्छे हैं। ऐसे में भारत ने यह कहकर संतुलन रखने की कोशिश की है कि दोनों देशों को तनाव को कम करने के प्रयास करने चाहिए।

इसी पृष्ठभूमि में हम यहाँ भारत एवं ईरान के वर्तमान संबंधों को जानेंगे।

1) व्यापारिक संबंध –

I) ईरान-भारत का व्यापार प्रतिवर्ष लगभग 2.5 अरब डॉलर का है। भारत ईरान से मुख्यतः पेट्रोलियम पदार्थ (एनर्जी) आयात करता है।

II) भारत ईरान में चाबहार बंदरगाह में 8.5 करोड़ डॉलर का एक व्यापारिक टर्मिनल बना रहा है। यह पाकिस्तान को बायपास करके मध्य एशिया तक पहुँचने के लिए भारत के लिए अत्यंत आवश्यक है।

III) यदि ईरान स्ट्रैट ऑफ होमुर्ज को बंद कर देता है, तो भारत में तेल की आपूर्ति रुक सी जायेगी। साथ ही पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें भी काफी बढ़ जायेंगी।

2) राजनीतिक संबंध –

भारत-ईरान के मध्य ऐतिहासिक काल से सांस्कृतिक संबंध रहे हैं।

ईरान में दस हजार भारतीय रहते है।

3) रणनीतिक संबंध –

भारत ईरान को मध्य-एशिया के ‘प्रवेश द्वार’ के रूप में देखता है।

इस्लामिक देशों के साथ संबंधों को सामान्य रखने की दृष्टि से भी भारत ईरान को महत्वपूर्ण मानता है।


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