*To Download Click Here.***

हाल ही में नई दिल्ली में बिम्सटेक (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी सेक्टोरल टेक्नीकल एण्ड इकॉनॉमिक कोऑपरेशन) के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक हुई है।

कुछ बिंदु –

  • सात सदस्य देशों ­­–भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार, थाईलैंड, नेपाल और भारत के बीच व्यापार इसके पहले से अधिक हुआ है। फिर भी यह आसियान देशों के बीच होने वाले व्यापार की तुलना में बहुत कम है। अतः देशों के बीच व्यापार बढ़ाने और सालाना 120 अरब डॉलर के बुनियादी ढांचा निवेश की खाई को भरने पर जोर दिया गया।
  • इन देशों के बीच व्यापार बाधाओं को कम करने में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
  • घरेलू खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कृषि व्यापार को सुविधाजनक बनाना, और स्वच्छ ऊर्जा की कनेक्टिविटी में सुधार करना सर्वोपरि है। इस मामलें में भारत का तेजी से बढ़ता नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र अपना प्रसार कर सकता है। इससे समूह देशों को ऊर्जा सुरक्षाए स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और सतत आर्थिक विकास में सहायता मिलेगी।
  • भारत का उद्देश्य वास्तव में ‘ठोस परिणाम और व्यावहारिक सहयोग’ होना चाहिए।

‘द इकॉनॉमिक टाइम्स’ में प्रकाशित संपादकीय पर आधारित। 16 जुलाई, 2024

The post बिम्सटेक समूह के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत appeared first on AFEIAS.