सब कुछ लुटा दू अपनों पे इतना मैं दिलदार अपनी कामयाबी सर ना चड़ायु इतना मैं ज़िम्मेदार परोसु अल्फ़ाज़ अपनी कलम से शब्दो का ज़ल्ज़ला मैं कलमकार !!