पाटीदार नेता हार्दिक पटेल एक बार फिर 25 अगस्त से पाटीदारों व किसानों के हितों के लिए आंदोलन करने की तैयारी में हैं. न्यूज़लॉन्ड्री से बातचीत में उन्होंने मोदी सरकार, आगामी लोकसभा चुनाव और राष्ट्रीय व राजकीय राजनीति से संबंधित कई सवालों पर अपनी राय दी. बीते दिनों हार्दिक पटेल को गुजरात हाई कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है. फिलहाल हार्दिक जमानत पर हैं और कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. 2019 लोकसभा चुनावों के संबंध में हार्दिक ने कहा कि वे राहुल गांधी या ममता बैनर्जी को प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं. अगर ऐसे संयोग न बन सके तो उन्हें मायावती की प्रधानमंत्री पद की भी उम्मीदवारी का समर्थन करने में भी कोई दिक्कत नहीं है. क्या वे 2019 का चुनाव लड़ेंगे? इस सवाल के जवाब में हार्दिक स्पष्ट करते हैं कि वे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने वाले. उनका कहना है, "जब हमारे सामने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नहीं टिक सके. ऐसे में जरूरी नहीं है कि संसद में बैठकर यश लिया जाए." याद दिलाते चलें कि गुजरात की तिकड़ी (अल्पेश ठाकुर, हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवानी) में से जिग्नेश भी गुजरात चुनाव से पहले तक यही बोलते रहे थे कि वे चुनाव नहीं लड़ेगें. लेकिन चुनाव के निकट आते ही उन्होंने वडगाम विधानसभा क्षेत्र से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दर्ज कर दिया. बाद में वे कांग्रेस के समर्थन से चुनाव जीत भी गए.अनामत आंदोलन को आजादी की लड़ाई के समकक्ष बताते हुए हार्दिक ने सरकार से फिर से पाटीदार आरक्षण की मांग दोहराई है. सुनिए न्यूज़लॉन्ड्री के साथ उनकी पूरी बातचीत.


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