ज़रूरी नहीं है कि धन से ख़ुशी प्राप्त होती है। धन की सुरक्षा उसे उपलब्ध करने से अधिक कठिन होती है और इस कारण धन चिंता, भय व अशांति उत्पन्न करता है। धन को अहंकार, लालच व अविश्वास से भी जोड़ा जाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हमें धन नहीं कमाना चाहिए।
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