किसी भी परिस्थिति में विरूद्ध प्रतिक्रिया न दिखाकर हमें सदा परिस्थिति के अनुकूल रहना चाहिए. हमारी प्रवृत्ति बहुत मायने रखती है. नकारात्मक रूप से की गई प्रतिक्रिया से परिस्थिति कभी संवरती नहीं है. हमें अपनी प्रवृत्ति में बदलाव लाना चाहिए विशेषतर तब जब हम परिस्थिति बदल नहीं सकते या परिस्थिति घट चुकी होती है. मन की शान्ति का यही रहस्य है.
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