Human value story in hindi based on right conduct and giving up ego. अहम् के आवेश में आकर हमें अपना विवेक नहीं खोना चाहिए। हमने जो भी धन या ज्ञान अर्जित किया है और हममें जो भी अच्छे गुण हैं, वह प्रभु के आशीर्वाद से हैं। हमें आपस में ईर्ष्या की भावना नहीं रखनी चाहिए और अपना काम पूरी ईमानदारी से करना चाहिए। अहम् की भावना हमारी घातक दुश्मन है। संयोगवश, यदि हमारे साथ कोई दुर्घटना हो जाती है या हम गम्भीर रूप से बीमार पड़ जाते हैं तो हमारी सारी उपलब्धियाँ निरर्थक हो जाती हैं। अतः एक स्वस्थ शरीर, बुद्धि व चित्त देने के लिए हमें ईश्वर का धन्यवाद देना चाहिए जिसके बिना हम इस धरती पर कुछ भी हासिल नहीं कर सकते थे।
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