कई बार ज़िंदगी में कुछ ऐसे लोग भी आपस में टकराते हैं जिन्हें दुनिया में सब कुछ आसानी से हासिल होता है किन्तु प्यार और भरोसा नहीं । कहने को तो कुछ लोग राजसी ठाठ के साथ जीते-रहते हैं और भरा पूरा परिवार भी होता है किन्तु फिर भी होते हैं एकदम अकेले, क्यूँकि स्थिरता नहीं होती उनमें। कारण या तो वो स्वार्थी बन, बहुत ज़्यादा की उम्मीद कर बैठते हैं या उनका अहं प्रमुख कारण होता है कि सब उनसे छूटता जाता है। उस वक़्त ज़रूरत पढ़तीं है खुद को सँभालने की और ये समझने की कि क्या ज़रूरी है खुद को स्थापित करने के लिए |
ऐसा कभी नहीं होता है कि अगर हम सकारात्मक सोच लेकर चलें तो काम पूरे न हो| अगर जिद पक्की हो तो नामुमकिन कुछ भी नहीं|
ऐसे ही दो लोगों की ज़िंदगी की कहानी है ये जिन्होनें ये सोचा कि उनकी क़िस्मत में भगवान ने इन दो चीज़ों के अलावा- जो कि जीने के लिए सबसे ज़रूरी है- सब कुछ लिखा था । और उनसे- कुछ भी सम्भाला नहीं गया । उन्होनें अपनी नासमझियों की वजह से अपनी ही जिंदगी की कद्र नहीं की और फिर एक समय ऐसा आया कि एक फैसले ने सब कुछ बदल दिया ।