चक्रव्यूह को भेदों is a grand contest brought to by Scribbling Inner Voice, अंदर की आवाज़ and कलम की ध्वनि. The competition comprises of 2 rounds and contains amazing perks for winners and participants

More about Suraj : सूरज सुरेश दीक्षित उम्र :- २४ ,शहर :-आर्वी निवासी, राज्य :-महाराष्ट्र के रहने वाले है। वे एचपीसीएल के एच पी गैस में उप प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। एवं स्वयं का व्यक्तिगत व्यवसाय भी संभालते हैं। साथ ही साथ वे हिंदी और मराठी रचनाकार लेखक भी है। वे रचना का आकलन छोटी या बड़ी से नहीं,बल्कि रचना के भाव की सुंदरता को अधिक महत्व देते हुए करते है। ✍️Instagram/Facebook :- @Sangharshsuraj / @Surajdixit11

Writeup :

क्या से क्या हो गया हूँ मैं,

जो न था वो क्यूँ बन गया हूँ मैं।

शायद ख़ुद में ही गुम हो गया हूँ मैं,

पता नहीं क्यों कही खो सा गया हूँ मैं।

क्यूँ ख़ुद को ही मिल न पा रहा हूँ मैं,

सोचकर भी क्यूँ सोच न पा रहा हूँ मैं।

शायद स्वयं का ही रास्ता भटक गया हूँ मैं,

पता नहीं क्यों कही खो सा गया हूँ मैं।

देखकर भी क्यूँ न देख पा रहा हूँ मैं,

कोशिश करने पर भी क्यूँ न समझ पा रहा हूँ मैं।

तलाश स्वयं कि ही पूर्ण क्यूँ न कर पा रहा हूँ मैं

पता नहीं क्यों कही खो सा गया हूँ मैं।

चाहकर भी क्यूँ कुछ न चाह पा रहा हूँ मैं,

लौटकर भी क्यूँ न लौट पा रहा हूँ मैं।

चलकर भी क्यूँ न चल पा रहा हूँ मैं,

पता नहीं क्यों कही खो सा गया हूँ मैं।

जो दिल में है क्यूँ ज़ुबान से बोल न पा रहा हूँ मैं,

कल जो था आज क्यूँ न बन पा रहा हूँ मैं।

मैं ही क्यूँ मैं नहीं बन पा रहा हूँ मैं,

पता नहीं क्यों कही खो सा गया हूँ मैं।

Writer:-!!$rj!! :- Suraj S Dixit

Insta id :- Sangharshsuraj