Featuring Prashant Singh ! More about the writer : नाम :- प्रशान्त सिंह , पेन नेम :- देव एक शायर, मूल निवास :- नगर रामपुरा जिला जालौन उत्तर प्रदेश , हाल निवास :- कानपुर उत्तर प्रदेश
यूँ कसकती रही जिंदगी :
◆ यूँ कसकती रही जिंदगी यूँ तड़फती रही "जिंदगी" ◆◆ किसी की याद में पल पल बिखरती रही "जिंदगी" ◆
◆ हर ख्वाब हर उम्मीद तोड़ना चाहा था मेरा उसने ◆◆ मगर हर टूटे टुकड़े पर नज़र आती रही "जिंदगी" ◆ ◆ उम्मीद ,सपना, ख्वाहिशें तमाम तमन्नाएँ थी मगर ◆◆ हर लम्हा दर -बदर ऐसे ही भटकती रही "ज़िन्दगी" ◆
◆ लगा रखी थी गुहार न्याय की अपराध की बस्ती में ◆◆ न्याय की आश में पल पल सिसकती रही "जिंदगी" ◆
◆ हम वास्ता देते रहे इंसानियत का हैवानों के मुल्क में ◆◆देव जिस्म से रूह तक छलनी होती रही "जिंदगी" ◆