इस मंत्र का जाप करते हुए नहाने से तीर्थ स्नान का पुण्य मिलता है। गंगा दशहरा का व्रत करने से देवी गंगा के साथ ही, सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त की जा सकती है।