सच्ची आत्मिकता वह नहीं जो परिस्थितियों के अनुसार बदल जाए लेकिन अवस्थाएं चाहे कोई भी क्यों ना हो व्यवस्थाओं की पालना करना ही सच्ची आत्मिकता है।।