एकता में बहुत आशीष है भजन 133 में हम देखते हैं क्या ही भली और मनोहर बात है कि भाई लोग आपस में मिल रहे प्रेरितों की पुस्तक एक में चेलों के अलग विचार धाराओं के होने के बावजूद उनके अंदर एकता थी क्योंकि पुनरुत्थान पाया हुआ प्रभु यीशु उनके हृदय का केंद्र बिंदु था।।