जिस तरह मनुष्य अपनी संतान की रक्षा हर कष्ट से करता है, उसी तरह ईश्वर भी अपने भक्त को दुखों से बचाने के लिए सक्रिय हो जाते हैं। मुख्य बात यह है कि आपके मन में संदेह नहीं आना चाहिए। आपके अंतर्मन में पूरा विश्वास होना चाहिए कि वो हमारे पिता हैं और हमारी भलाई के लिए संलग्न हैं। वो हर कष्ट से हमें बचा लेंगे। इसी परिप्रेक्ष्य में यह कविता है।