कमियां किस व्यक्ति में, किस इंसान में नहीं होती। असल में कमियां ही हमें अनोखा बनाती हैं। प्रिय जनों की अगर कर्मियों को नजरअंदाज कर दिया जाए तो वही हमें संपूर्ण लगने लगेंगे।