भारतीय दर्शन में मानव शरीर के 5 तत्व जल, अग्नि, पृथ्वी, वायु और आकाश हैं। इसे पंचमहाभूत के नाम से जाना जाता है। इसमें 72% जल, 12% पृथ्वी, 6% वायु, 4% अग्नि और अन्य आकाश (ईथर) शामिल है। यदि व्यक्ति को इन 5 तत्वों में असंतुलन का सामना करना पड़ता है, तो इसका असर शरीर की संरचना पर पड़ सकता है और शरीर में बीमारियों और समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।