चलते रहिए, चलते रहिएसारी उलझनों के साथ,चलते रहिए। करते रहिए, करते रहिएअपने कार्य (कर्तव्य) करते रहिए।चलते रहिए। उलझनें तो जीवन का हिस्सा है,उलझनों के साथ चलना,सीखते रहिए। उलझनें तो जीवन में अवसर है,हमारी प्रगति का अवसर,चलते रहिए। रुकिए मत, रुकिए मतगर उलझनों का सैलाब भी आ जाए,चलते रहिए। चलते चलते, धीरे धीरेसारी उलझन, सुलझन में बदल...... Continue Reading →