पीएफआई सदस्य ने बताया कि ‘अड्डा’ चर्चाओं में अल्लाह के संदेश, सरकार की ‘मुस्लिम विरोधी नीतियों’ और ‘मुसलमानों की एकजुट आवाज’ बनने की जरूरत के नाम पर कैसे युवाओं को लुभाया जाता है.