केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राजनीतिक दलों को दिल्ली में उनके कार्यालयों के लिए आवंटित भूमि की श्रेणी को बदलने के आवास मंत्रालय के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है, जिससे उनके ऊपर बकाया राशि में काफी कमी आई है.