मोदी ने सम्मेलन में खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत बताई और कहा कि शंघाई सहयोग संगठन को ‘भरोसेमंद, उदार और विविधापूर्ण सप्लाई चेन’ बनाने पर गौर करना चाहिए.