गोधरा के पिछले चुनाव के आंकड़ों से पता चलता है कि इस सीट पर हमेशा कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर रही है. 2002 के बाद से जीत का अंतर कभी भी 3000 वोटों को पार नहीं कर पाया है.