राज्यों के विधेयक देर-सबेर केंद्र सरकार के पास पहुंचेंगे. बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व को ये फैसला करना होगा कि SC, ST, OBC आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से ज्यादा करने पर उसका पक्ष क्या होगा.