कर्नाटक की 7 करोड़ आबादी में 50 लाख मूल निवासी मराठी भाषी हैं. लेकिन सीमा विवाद को सिर्फ ‘भाषा’ से जोड़कर इस बहस को बेहद संकुचित कर दिया गया है. इसके साथ और भी कई मुश्किलें एवं मसले जुड़े हैं.