केवी के कुल टीचिंग स्टाफ में संविदा शिक्षकों की संख्या 20% है, लेकिन स्थायी शिक्षकों को मिलने वाला वेतन डेढ़ से चार गुना तक अधिक है. यही वजह है देश के केवी स्कूलों में पढ़ाने वाले संविदा शिक्षक नाखुश हैं.