पर्यावरणविद अरविंद मिश्रा बताते हैं कि दक्षिणी बिहार में प्रवासी पक्षी सबसे सुरक्षित है, वहीं उत्तरी बिहार के कई इलाकों में इसे व्यापार और शिकार की नज़र से देखा जाता हैं.