ऐसा कहा जा सकता है कि यह सरकार का छोटा सा प्रयास है और अगर वह वाकई महिला सशक्तिकरण की दिशा में गंभीर है तो वह आने वाले समय में कुछ और भी कर सकती है. इस दिशा में काफी गुंजाइश है.