2015 में SC ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग को न्यायपालिका के कामकाज में दखल बताते हुए खारिज कर दिया था. तब से इसने मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर पर सिर्फ एक पत्र का जवाब दिया है.