पिछले हफ्ते प्रकाशित एक पेपर के मुताबिक, वास्तविक आय को बढ़ाने और मुद्रास्फीति को कम करने की दिशा में बनाई गई नीतियां भारत में बचत दर को बढ़ाने में मदद कर सकती हैं.