अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या में इस्तेमाल की गई 'मेड-इन-टर्की' हथियार भारत में मुश्किल से ही मिलती है और यह अधिकतर दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी यूपी के कुछ गिरोहों के द्वारा इस्तेमाल किया जाता है.