नरेंद्र मोदी की पहली सरकार में 2018 में ये फैसला हुआ कि 2021 की जनगणना में ओबीसी की गिनती की जाएगी. राजनाथ सिंह ने इसकी घोषणा भी कर दी थी. लेकिन 2019 का चुनाव निपटने के बाद सरकार ने अपना रुख बदल लिया.