यह सच है कि मोदी का जादू शायद ही कभी हिंदी पट्टी और गुजरात से आगे बढ़ा हो. आज बीजेपी भी वही पार्टी बन गई है जिसका वह कभी विरोध करने का दावा करती थी: एक शक्तिशाली और अहंकारी पार्टी तथा स्थापित प्रतिष्ठान.