2022 में जहां बिजली उत्पादन के लिए कोयले की भारी दिक्कत देखी गई थी, वहीं इस साल कोयले के अधिक उत्पादन में बेमौसम बारिश और प्रमुख मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय का लाभ मिला है.