एकनाथ शिंदे की 2022 की बगावत को 40 विधायकों के समर्थन से अंजाम दिया गया था, जो उद्धव ठाकरे से अलग हो गए थे. लोकसभा में शिवसेना के 18 में से 13 सांसद भी शिंदे गुट में शामिल हो गए थे.